रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
DevanagariHindipublished440 पृष्ठ
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३२८ असली कोकशास्त्र
मरिच्यादि तैल बनाने की विधि
काली मिर्च, निसोथ, दातूर्णी, आक का दूध, गोबर का रस,
देवदारु, दोनों हल्दी, छड़, कूट, रक्तचन्दन, इन्द्रायन की जड़,
नागरमोथा, वायविडंग, पमार, सिरस की जड़, कलौंजी, हरताल,
मैनसिल, कनेर की जड़, चित्रक, कलिहारी की जड़, कुड़े की छाल,
नीम की छाल, सतौप की छाल, गिलोय, थूहर का दूध, किरमाला
की गिरी, खैरसार, बावची, वच, मालकांगनी, इन सबको दो-दो
टके भर, सिंघी मुहरा चार टके भर, कड़वा तेल चार सेर, गो-
मूत्र सोलह सेर इन सब चीजों को मधुर आँच से पकावे । जब
तेल मात्र रह जाय, तब उतार कर छान ले । और फिर उसी तेल
की मालिस करे तो प्रसूत रोग अच्छा हो जाता है । यह तेल भी
वायु का नाश करने में एक ही है ।