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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 320, कुल 440 में से

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३०८ असली कोकशास्त्र
स्वस्थ रहने के सरल उपाय
स्वस्थ रहने के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता है—प्रसन्न रहने
की। मनुष्य के मनोविकार, वृत्तियाँ, इच्छाएँ, बुरे-भले विचार
जिस तरह बदलते रहते हैं, उसी तरह शरीर के अवयवों में भी
परिवर्त्तन होता रहता है। प्रोफेसर एल० मर्गेंट ने वैज्ञानिक प्रयोगों
द्वारा यह सिद्ध करके बतलाया है कि भय, चिन्ता, क्रोध, ईर्ष्या,
द्वेष और उदासीनता से पसीने में, थूक में, श्वास में, तथा खून में
जहरीले पदार्थ पैदा होते हैं और इसके विपरीत प्रेम, दया, आनंद,
सन्तोष, आरोग्य तथा प्रसन्नतापूर्ण विचारों से बलवान बनाने वाले
तत्त्व उत्पन्न होते हैं।
इसीसे इस पुस्तक में स्थल-स्थल पर उत्तम सन्तान पैदा करने
के लिए माता-पिता को उक्त बात पर सदा ध्यान रखने के लिए
चेतावनी दी गयी है। बच्चों की माँ के क्रोधित होने पर उसका दूध
जहरीला हो जाता है और उस समय दूध पीने से कितने ही बालकों
को मूर्छा आ जाती है। शास्त्रकारों ने आदेश किया है कि भोजन
करते समय खूब प्रसन्नचित्त रहना चाहिए । उनके कथन का
असली रहस्य यहाँ है कि भोजन के समय क्रोध, चिन्ता, दुःख
आदि करने से उत्तम से उत्तम बलकारक भोजन भी विष हो
जाता है।
यदि प्रारम्भ से ही स्वास्थ्य-रक्षा के खास-खास नियमों का