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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 304, कुल 440 में से

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पृष्ठ 304

२६० असली कोकशास्त्र
हैं। उदाहरण लीजिये, एक पैसे का ३ आम तो ३० आम के
कितने पैसे आदि। इस प्रकार की शिक्षा से छोटी अवस्था में सौदा
वगैरह ला सकते हैं और बिना भूल किये सारी चीजें उचित मूल्य
में खरीद सकते हैं ।
सांसारिक कामों के लिए स्त्रियों को इतिहास की जानकारी
रखने की तो कोई विशेष आवश्यकता नहीं है, पर सन्तान-सुधार
की दृष्टि से थोड़ा इतिहास का ज्ञान रखना भी जरूरी है। तभी वह
सम्राट् अशोक, महाराणा प्रताप, महाराज शिवाजी प्रभृति बड़े-
बड़े राजाओं की कीर्त्ति कथा एवं शंकराचार्य, बुद्ध, चैतन्य, कबीर,
नानक आदि धर्म गुरुओं की जीवनी अपने बच्चों को बचपन में ही
कण्ठ कराने में समर्थ हो सकती हैं। इतिहास की तारीख और सन्
अथवा मामूली घटना जानने को स्त्री को विशेष आवश्यकता नहीं
है। साधारणतया भारतवर्ष का इतिहास धारावाहिक रूप से
जानना ही बहुत है। इसके लिए इतिहास की बड़ी-बड़ी जिल्दें
यदि स्त्रियाँ न भी पढ़ें तो कोई आपत्ति नहीं, जिस पुस्तक में गल्प
रूप में भारत का इतिहास थोड़े में लिखा हो, वही पढ़कर जान लें ।
इस ढङ्ग की पुस्तकें अंग्रेजी में तो बहुत सी हैं। बँगला में भी इधर
कुछ पुस्तकें निकली हैं; पर हिन्दी में अभी ऐसी पुस्तकों का एक
प्रकार से अभाव सा है। इस लिए हिन्दी-प्रेमियों का ध्यान इस
ओर अवश्य जाना चाहिए। यह काम जितने शीघ्र किया जाय
उतना ही अच्छा है ।