रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअसली कोकशास्त्र २३६
सालम मिश्रा, नीलोफर, कसेरू, अदरख, सम मात्रा में लेकर जल
में पोस गाय के दूध में छानकर पीना चाहिए । अथवा सिंघाड़ो,
कसेरू, सफेद् जीरा, बेलपत्र और छुहाड़ा सम मात्रा में ले, पानी
में पीसकर दुध में पिये ।
तीसरा महीना
पद्माख, सफेद् चन्दन, खस और तगर को सम मात्रा में
पानी से पीसे और बकरी के दूध में छानकर पी ले । अथवा खस,
सफेद् चन्दन, नागरमोथा, पद्माख, कमल ककड़ी को पानी में
पीसकर गाय के दूध के साथ पीना चाहिए ।
चौथा महीना
सिंघाड़ा, केले का पत्ता, दाख, अनार की कली और केले के
कन्द को पानी में पोसकर बकरी के दूध में पिये । या खस, कमल-
ककड़ी और केले की जड़ को पानी में पीस बकरी के दूध में पीने
से कष्ट दूर हो जाता है ।
पाँचवाँ महीना
नीलोफर, कमलककड़ी, कमलगट्टा, और नागकेशर को बकरी
के दूध में पीस छानकर पीना चाहिए । या नीलकमल की जड़,
काकमाची, कमलककड़ी को पानी में पीसकर दूध में पिये ।
छठा महीना
बच, इलायची, मुनक्का, नीलोफर और नागकेसर को दूध में
पीस छानकर पीना चाहिए । या पीपल, पीपरामूल, कमल का