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रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

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२६० असली कोकशास्त्र
पाव हो जाता है । नाखून निकल आते हैं । यदि इस समय बच्चा
पैदा हो जाय तो वह कुछ देर तक अवश्य साँस ले सकता है ।
सातवें महीने में बच्चे के सब अंग बन चुकते हैं । इस समय
बच्चे का सिर नीचे और पैर ऊपर हो जाता है । आँख की पलकें
खुलने योग्य होती हैं । लम्बाई लगभग १३-१४ इंच और वजन
सवा पाँच पाव तक हो जाता है । आठवें महीने में बच्चे के प्रत्येक
अंग की समान रूप से वृद्धि होती है । लम्बाई १६ इञ्च तक और
वजन पौने दो सेर तक हो गया रहता है । इस महीने में ही यदि
बच्चा पैदा हो जाय तो वह जीवित रह सकता है । हाँ थोड़े दिनों
तक कमजोर अवश्य रहेगा । नवें महीने में लम्बाई १८-२० इञ्च
और वजन तीन साढ़े तीन सेर तक हो जाता है ।
कभी-कभी बारह महीने तक भी बच्चे गर्भ में रह जाते हैं,
किन्तु ऐसा बहुत कम होता है । वैद्यक ग्रन्थों में बारह मास तक
गर्भ रह जाने का उल्लेख पाया जाता है । ग्यारह महीने के बाद
बच्चा पैदा होते देखा भी गया है । इस लिए इसकी सत्यता में
सन्देह नहीं है । अस्तु; उत्तम सन्तानोत्पत्ति विषयक नियमों के
साथ गर्भ की वृद्धि का क्रम जानना विशेष प्रयोजनीय है, इसीलिए
उसका संक्षिप्त वर्णन कर दिया गया । अब आगे यह दिखलाया
जायगा कि गर्भ की रक्षा किन किन उपायों से हो सकती है, तथा
कोई उपद्रव खड़ा होने पर किस महीने में कौन-सा यत्न करना
श्रेयस्कर है ।

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