रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअसली कोकशास्त्र २३
शरीर की बनावट
हड्डी, खून, मांस और खाल से हमारा शरीर बना हुआ है।
सारे शरीर का मुख्य आधार हड्डियाँ हैं। इन्हीं की शक्ति पर
हमारा खड़ा होना, चलना-फिरना अवलंवित है। हड्डियाँ ही हमारे
कोमलांगों की रक्षा करती हैं। सिर की हड्डीयों से दिमाग और
पसलियों से हृदय तथा फेफड़ों की हिफाजत होती है। डाक्टरों के
सिद्धान्त से शरीर में १३८ हड्डियाँ हैं। उनका ऊपरी भाग कठिन
तथा भीतरी पोला और कोमल होता है। हड्डियों के सन्धि-स्थल
में मज्जा का परदा होता है। इस मज्जा को भी नरम हड्डियों में
ही गिनते हैं।
दाँत भी हड्डी के ही होते हैं। छोटी उमर में पहले दूध के
दाँत होते हैं और फिर जब बच्चा अन्न खाने लगता है तब अन्न के
दाँत निकलते हैं। बच्चा पैदा होने के ६ से ८ महीने बाद दूध के
दाँत निकलते हैं और वे दो-ढाई वर्ष की उमर तक पूर्ण निकल
आते हैं। इनके एक-एक गिरने के बाद अन्न के दाँत निकलते हैं
जो पाँच वर्ष की आयु से लेकर पचीस वर्ष की आयु तक निकलते
रहते हैं।
चमड़े को छूने से बहुत जगह हमको मांस का लचलचापन
मालूम होगा। मांस के इस भाग का नाम स्नायु है। स्नायुओं
(पुट्ठों) द्वारा ही हम अपने हाथ सिकोड़ सकते हैं, फैला सकते