रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१५० असली कोकशास्त्र
स्थितरत आसन
स्त्री पुरुष परस्पर एक दूसरे का सहारा लेकर अथवा किसी
दीवार के सहारे खड़े रहकर भोग करें तो उसे स्थितरत आसन
कहते हैं।
अविलम्बितक आसन
खड़े पुरुष के गले में हाथ डाल पुरुष के बाहुपाश में जकड़ी
हुई अपनी जंघाओं में पति को लपेट कर जब रमणी रमण करती
है तब उस आसन को अवलम्बितक आसन कहते हैं।
हिंडोल आसन
अवलम्बितक आसन की भाँति यह आसन भी किया जाता है
इसमें केवल इतना ही अन्तर होता है कि स्त्री हिंडोले की तरह स्वयं
हिलती हुई भोग करती है, इसलिए इसको हिंडोल आसन कहते हैं।
धेनुक आसन
पशु के समान नीचे को मुख कर नायिका जब पीछे से पुरुष से
वृष के समान मैथुन कराती है, तब उसे धेनुक आसन कहते हैं।
कौर्म आसन
पुरुष भुजाओं से भुजाएँ और जंघाओं से जंघाएँ तथा मुख से