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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 152, कुल 440 में से

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पृष्ठ 152

असली कोकशास्त्र १४६
प्रेंखा आसन
कर्कटक की भाँति पुरुष से सम्भोग करती हुई नारी मतवाली
होकर जब दोनों पाँव को हाथी के कान के समान हिलाने लगती
है तब उसे प्रेंखा आसन कहते हैं ।
पद्मासन
भोग करते समय जब रमणी अपनी दाहिनी जंघा को बायीं
जंघा पर चढ़ा ले तो उसे पद्मासन कहते हैं ।
अर्ध पद्मासन
यदि रमणी एक जंघा को ऊपर उठाकर दूसरी जंघा उस पर
रख भोग करे तो उसे अर्ध पद्मासन कहते हैं ।
परावृत्तक आसन
भोग करते समय जब स्त्री-पुरुष आपस में आलिंगन करें और
थोड़ी देर बाद स्त्री पुरुष की गोद में पिछली ओर से घूमकर इस
भाँति आगे आ जाय कि पुरुष की इन्द्रिय योनि से बाहर न
निकलने पाये तो उसे परावृत्तक आसन कहते हैं ।
फणिपाश आसन
स्त्री अपनी दोनों जंघाओं को पति के कन्धे के ऊपर से निकाल
कर पति के कण्ठ तक पहुँच जाय और पति भी अपनी भुजाओं से
जकड़ कर उसे बाँध ले तो उसे फणिपाश आसन कहते हैं ।