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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 127, कुल 440 में से

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१२४ असली कोकशास्त्र
पीड़ितक चुम्बन कहते हैं। दूसरा पत्नी के अधरोष्ठ को अंगुलियों
में पकड़ कर पति अपने ओष्ठों से खूब पीड़ित करे, किन्तु दाँत न
लगने दे । इसे भी अवपीडितक चुम्बन कहते हैं ।
उत्तर चुम्बन
जिस भाँति पति जिस स्थान का चुम्बन करे ठीक उसी प्रकार
पत्नी का उस स्थान का चुम्बन करना उत्तर चुम्बन कहाता है ।
इस चुम्बन का आरम्भ दोनों ओर से हो सकता है ।
प्रातिबोध चुम्बन
यदि सुचिरसमेतः प्रेयसीमग्रसुप्तां,
रहसि कृतकनिद्रां चुम्बति प्राणनाथः ।
कथितविधमिदं स्याच्चुम्बनं प्रातिबोधं,
द्वयमिदमपरं स्याच्चुम्बनं छायिकाख्यम् ॥
पति के घर पर देर से लौटने पर सोई हुई अथवा सोने के
बहाने से लेटी हुई पत्नी का एकान्त में किया हुआ चुम्बन प्राति-
बोध चुम्बन कहाता है । इस प्रकार का चुम्बन दोनों ओर से किया
जा सकता है ।
छायातथा संक्रान्ति चुम्बन
अभिनवमनुरागं व्यञ्जितुं दर्पणादौ,
प्रतिकृतिविषयं वा चुम्बनं पुंस्त्रियोः स्यात् ।