रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअसली कोकशास्त्र १२३
अपनी आँख बन्द करती हुई और पति की आँखों को भी अपने
हाथों से ढाँप कर पति के ओठ को अपनी जिह्वा के अग्रभाग से
धीरे-धीरे रगड़ती है, इस लिए उसको घट्टितक चुम्बन कहते हैं ।
सम चुम्बन
जब पति-पत्नि परस्पर एक दूसरे के चुम्बन का जवाब चुम्बन
में यथास्थान देते हैं, उस चुम्बन को सम चुम्बन कहते हैं ।
तिर्यक चुम्बन
पति-पत्नि अपने मुख को कुछ टेढ़ा करके जब परस्पर मुख का
चुम्बन करते हैं, तब उसे तिर्यक चुम्बन कहते हैं । यह चुम्बन
किसी वाटिका में बेंच या घास पर पाँव फैलाकर बैठे हुए किया
जाता है ।
उद्भ्रान्त चुम्बन
नायक या नायिका जब किसी एकान्त स्थान में बैठी हो, तब
उनमें से एक बैठे हुए के पृष्ठ भाग से आकर अपने दाहिने हाथ से
ठुड्डी को और बायें से सिर को पकड़ और अपनी ओर घुमाकर
जो चुम्बन किया जाता है उसको उद्भ्रान्त चुम्बन कहते हैं ।
अवपीडितक चुम्बन
यह चुम्बन दो प्रकार का है । पहला पति-पत्नी परस्पर एक
दूसरे के ओठों को ओठों में दबाकर चुम्बन करते हैं, उसको अव-