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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 119, कुल 440 में से

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११८ असली कोकशास्त्र
हैं, जिनमें परस्पर सम्भोग होकर घिशेष परिचिति हो जाती है
इनसे विशेष परस्पर प्रेम की वृद्धि और संकोच भाव की कभी हो
जाती है इस प्रकार जब दोनों की झिझक दूर हो जाती है, तब
लतावेष्टितादि आलिंगन किये जाते हैं।
लतावेष्टित आलिंगन
प्रियमनुकृतवल्लीविभ्रमा वेष्टयन्ती,
द्रुममिव सरलांगी मन्दसीत्का तदीयम् ।
वदनमुदितखे ताक्रन्दमाचुम्बनार्थे,
नमयति विनमन्ती तल्लताबेष्टितं स्यात् ॥
जिस प्रकार एक पेड़ को लता लपेटती हुई ऊपर चढ़ जाती है
उसी प्रकार अपने पैरों से खड़े हुए पुरुष को जंघाओं को और
बाहों से बगल तथा कण्ठ को लपेट कर सीत्कार करती हुई पति के
मुख के सम्मुख अपना मुख चुम्बन के लिये झुका देती है उसको
लतावेष्टित आलिंगन कहते हैं।
वृक्षादि रूढ आलिंगन
स्थितपतिमधिकृत्य प्रोक्तमाश्लेष युग्म