रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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सम्भोग गृह
जिस कमरे में सोहागरात का आयोजन किया जाय, वह
हवादार और स्वच्छ होना चाहिए । उसमें हलका और मधुर
प्रकाश हो । वह ऋतु अनुसार वस्तुओं से सुसज्जित होना चाहिए
शूर-वीर, त्यागी महात्माओं के चित्र स्थान-स्थान पर लगे रहने
चाहिएँ । किसी प्रकार के गन्दे चित्र उसमें न होने चाहिएँ । सुन्दर
सुगन्धयुक्त मालाओं से सजा हुआ और सुगन्धित द्रव्यों से सुवासित
होना चाहिए । उसमें उपयोगी वस्तु से अधिक सामान न होना
चाहिए । दो पलंग, मुलायम बिस्तर से सुसज्जित जलपूर्ण पात्र,
और कुछ खाद्य सामग्री जैसे—मेवा, फल इत्यादि अवश्य रहना
चाहिए, और सम्भोग के पूर्व निम्न बातों का ध्यान रखना परम
आवश्यक है:—
१—जिस रात स्त्री-पुरुष को सम्बन्ध करना हो, उसके पूर्व
उन दोनों को चाहिए कि वे उबटन आदि मलकर खूब अच्छी
प्रकार शीतकाल हो तो किंचित-उष्ण जल और गरमी हो तो खूब
ठण्डे जल से स्नान करें । तत्पश्चात् सुगन्धित वस्तु लेपन करें ।
पुरुष श्वेत वस्त्र धारण करे, और स्त्री हलके रंगीन वस्त्र पहने ।
वस्त्र गहरे रंग से रंगे हुए न होने चाहियें । स्त्री पूर्ण श्रृङ्गार से
अपने-आपको सजाये ।
२—हलका, किन्तु बल-वर्द्धक भोजन करना चाहिए । भूखे