रंगनाथ रामायण (प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रामायण - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी अनुवाद)
Ranganatha Ramayana: Complete Hindi Translation
रंगनाथ कवि (हिन्दी अनुवादक: अवधेश गुप्त) द्वारा
पृष्ठ 316, कुल 508 में से
संदर्भ में पढ़ें(L10): the anusvara is very clear and dark! Inजाबवान्, there is NO dot whatsoever. So it is literally जाबवान्`.
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अत्यंत नील मेघो के बीच में इन्द्र के समान शोभायमान होनेवाला वह नर्मदा नदी के
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तट पर स्थित ऋक्षनग का अधिपति है । वह महान् बलशाली तथा शूर है और असख्य
(Yes, असख्य without dot!)
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समर्थ भालू उनकी सेवा में रहते हैं । उस जाबवान् को देखिए । नीले पर्वत के समान
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शरीर धारण किये हुए एक करोड भालू उसकी सेवा में लगे हुए हैं । पूर्व काल में देवासुर
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युद्ध के समय अपने युद्ध-कौशल का परिचय देकर उसीने इन्द्र से कितने ही वर प्राप्त
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किये थे । युद्ध में वह धूर्जटि (शिव) से भी परास्त नही होता । उस घुरघर योद्धा सन्नादन
(Note: नही without dot on ही? Yes, नही होता).
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को देखिए । उसका एक-एक पार्श्व भाग एक-एक योजन लंबा है और उसका शरीर भी
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`उतना ही दीर्घ है । हे देव-शत्रु, उसकी सेवा