रंगनाथ रामायण (प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रामायण - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी अनुवाद)

रंगनाथ रामायण (प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रामायण - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी अनुवाद)
Ranganatha Ramayana: Complete Hindi Translation
रंगनाथ कवि (हिन्दी अनुवादक: अवधेश गुप्त) द्वारा
DevanagariHindipublished508 पृष्ठ
पृष्ठ 129, कुल 508 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 129
-रात्रि के समय सुमंत्र से प्रजा को भुलावा देकर वहाँ से चल देने`
न देखकर, राम ने अर्द्ध-रात्रि के समय(अर्द्ध-रात्रि)सुमंत्र से प्रजा को भुलावा देकर वहाँ से चल देने
Line 35:
की बात उन्हें समझाकर कहा कि रथ तैयार करके ले आओ । रथ के आते ही उन्होंनेकी बात उन्हें समझाकर कहा कि रथ तैयार करके ले आओ ।(wait, is itतैयार? Look at L35:रथ तैयार- wait! Is itतैयारorतैयार? Look at the matra on त: it's ऐ matra, but look at the letter:तैwith dot? No, wait!रथ तैयारvsरथ तैयार? Look atनैयार: wait, is the first letterतorन? Look at L35:रथ नैयार करके? Wait, let's look atतैयार: the letter isनै! No, wait, look atनinउन्होंने: it has a loop. Look atतinबात: it curves down. Inरथ ... करके ले आओ: the letter has a loop! It looks likeतैयारwhere the top loop of त is closed, or is it a typoनैयार? Wait, look atतैयारvs `नैयार