प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
DevanagariHindipublished318 पृष्ठ
पृष्ठ 150, कुल 318 में से
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... wait:
"शरऋषिरसाः" or "शरऋषिरुद्राः"?
Wait, look at the letters:
"शर"
then: "ऋ" or "हृ"? "ऋषि"
then: "रसाः"?
Wait, look at the end of line 34:
"शरऋषिरसाः" or "शरऋषिरगाः"?
Wait, look at the top right of L34:
"शरऋषिरसाः (सुवदना की"
Then L35:
"यति). वसुग्रहर्त्तषयः" or "वसुग्रहर्क्षयः"?
Wait, let's check Bhujangavijrimbhita:
Bhujangavijrimbhita has 26 syllables:
यति at: 8 (वसु), 9 (ग्रह), 9? Or 8, 9, 9 = 26?
8 = वसु
9 = ग्रह
Wait, what is 9? अर्क? No, 8 + 9 + 9 = 26? Or 8 + 8 + 10?
In L35: "वसुग्रह..." let's look at the letters:
व - सु - ग्र - ह - र्क्ष - यः? Or "वसुग्रहर्त्तयः"?
Wait, what is the word before (भुजंगविजृंभित की यति)?
"वसुग्रहर्क्षयः" or "