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पञ्चसायक (कविशेखर ज्योतिरीश्वर - कामकला एवं रति-शास्त्र संस्कृत मूल पाठ)

पञ्चसायक (कविशेखर ज्योतिरीश्वर - कामकला एवं रति-शास्त्र संस्कृत मूल पाठ)

Panchasayaka of Kavishekhara Jyotirishvara with Commentary

कविशेखर ज्योतिरीश्वर (सम्पादक: पं. श्रीधर शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished109 पृष्ठ

पृष्ठ 59, कुल 109 में से

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पृष्ठ 59

... wait!
If line 16 is Malini:
1-3: म-धु-घृ (uuu)
4-6: त-म-धु (uuu) -> 'त-म-धु' is uuu!
7-9: me-tam prat- : मे-तं प्र (---) -> मे(2) तं(2) प्रत्(2) = ---!
10-12: - u - : य-हं यो (य is short? No, yah-ham: - - -?)
Wait, let's check line 17:
ज-ठ-र (uuu)
कु-ह-र (uuu) -> wait, is it 'कुहर'??
Let's check: कु-ड-ग? कु-ड-ङ्ग?
कु (u), ड (u), ग (u)?
If it's 'कुहर': कु(u) ह(u) र(u) = uuu!
Wait, look at line 17:
ज-ठ-र (uuu)
कु-ड-ग (uuu) -> कु, then what?
Wait, if it's Malini:
ज-ठ-र (uuu)
कु-ड-ग (uuu)
Char 7-9: म-ध्ये या (---) -> मध्य(2) या(2) त्(2) = ---!
Char 10-1