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सर्वकोश
पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

Padmavat with Hindi Commentary

मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा

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पृष्ठ 51

५० पद्मावत ।

दामिनि¹ चमकन सरखँरि पूजा । पुनिवहज्योतिहोयकोदूजा॥
दो० बिहँसत हँसत दशनैं³ तस, चमकी पाहनैं⁴ उठी लूँक⁵ ।
(१०७) दाड़िम⁶ सरै जो नकैसँका, फाट्यो हिया दर्क॥
रसना⁸ कहौं जो कहि रसबाता । अमृत बचन सुनत मनराता ॥
हरीशिशिरं चातकैं कोकिला । वीनवंशीवेनैं जेहिमिला ॥
चातकैं कोकिलरसहिंजोनाहीं । सुनिवै वयनैं लाजछिपजाहीं ॥
भरै प्रेम मँधु बोलहिं बोला । सुनै सो मात घूमके डोला ॥
चतुरैवेदमति सब वह पाहां । ऋगयजुसामअथर्वणमाहां ॥
इकइक बोल अर्थ जो गुना । इन्द्र मोहि ब्रह्मा शिरधुना ॥
भागवतभैर्थ पिंगलऔगीता। अर्थजो जेहिपण्डितनहिंजीता ॥
दो० भाखैंसँती औ व्याकरण, सुनी पिंगल पाठ पुराण ।
(१०८) वेद भेदसों बात कहि, जनुलागैं हिये¹⁷ बाण ॥
पुनि बरैनों का सुरंग कपोलों । इक नारँगके दो किये गोला ॥
पहुपैं पंगरसमृतसांधे । कै अस सुरंग खरोरैं बांधे ॥
तेहि कपोलैं बायें तिलपरा । जो तिल देखिसो तिलतिलजरा ॥
जनु घुंघुंची वह तिलकरमुँहाँ । बिरहबान सांधो सामुहां ॥
अगिनबान तिल जानहु सूझा । इककटाक्ष लाख दुइजूझा ॥
सो तिलकाल मेट नहिं गयो । अब वह कालकाल जग भयो ॥
देखत नयनैं परी परछाहीं । तेहिते रातैं श्याम उपराहीं ॥
दो० सोतिल देखि कपोलैं पर, गगनैं रहाध्रुवै गाड़ ।
बिजुली १ बराबर २ दांत ३ पत्थर ४ लूक ५ अनार ६ बराबरी ७ जीभ ८
दूरकरता जरदीका ६ पपीहा १०-१२ आवाज़ ११-१३ शराब १४ चार १५
महाभारत पुराण १६ पोथी १७ दिल १८ बयान करना १६ गाल २०-२३-२६
फूल २१ लड्डू २२ कालामुँह २४ दुनियां २५ आंख २६ लाल २७ सियाह २८
आसमान ३० नामनखत ३१ ॥