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सर्वकोश
नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)

नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)

Natyashastra Part 2 of Bharata Muni with Pradipa Commentary

महर्षि भरत मुनि (टीकाकार: पं. बाबूलाल शुक्ल शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished668 पृष्ठ

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'? No.
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Row 28:
२७७ ४ या ज्ञात रूप में या ज्ञातरूप में

Row 29:
२८१ २५ 'विचार' को के स्थान पर 'विचार' के स्थान पर
(अशुद्ध has 'को के', शुद्ध has 'के')

Row 30:
२८२ १४ प्रीतिजननो-विरुद्ध प्रीतिजननो विरुद्धम्भि
Wait, look at row 30:
अशुद्ध: 'प्रीतिजननो-विरुद्ध।' or 'प्रीतिजननो-विरुद्ध'?
शुद्ध: 'प्रीतिजननो विरुद्धम्भि' or 'प्रीतिजननो विरुद्धाम्भि' or 'प्रीतिजननो विरुद्धाभि'?
Let's zoom in on row 30:
अशुद्ध: 'प्रीतिजननो-विरुद्ध।' -> there is a danda at the end? Yes, 'प्रीतिजननो-विरुद्ध।'
शुद्ध: 'प्रीतिजननो विरुद्धाम्भि' or 'प्रीतिजननो विरुद्धाभि'?
Wait, look at 'विरुद्ध' in शुद्ध:
'वि' 'रु' 'द्धा' 'भि' -> 'विरुद्धाम्भि' or 'विरुद्धाभि'?
It is 'वि' 'रु' 'द्धा' 'भि' ->