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सर्वकोश
नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)

नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)

Natyashastra Part 2 of Bharata Muni with Pradipa Commentary

महर्षि भरत मुनि (टीकाकार: पं. बाबूलाल शुक्ल शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished668 पृष्ठ

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काशगतानिह? Left: आकाशगतानिह ।- wait, the first letter has a mark? No, it'sआकाशगतानिह ।wait, look at 'ग': is itगorन? It is आकाशगतानिह ।. Right: आकाशगानि च ।`)

  • Wait, look at left: आकाशगतानिह ।?

  • Wait, left has आकाशगतानिह । or आकाशगतानोह? It's आकाशगतानिह ।. Right is आकाशगानि च ।.

  • Row 19 (११७ १):

    • Left: स्पन्दिताचारी (आस्यन्दिता)
    • Right: स्कन्दिता चारी ( आस्कन्दिता )
  • Row 20 (१२० ७):

    • Left: दण्डपादश्च दक्षिणः ॥ ३१ ॥
    • Right: दण्डपादञ्च दक्षिणम् ॥ ३१ ॥
  • Row 21 (१२० १०):

    • Left: पार्श्वक्रान्तञ्च दक्षिणः।
    • Right: पार्श्वक्रान्तश्च दक्षिणः।
  • Row 22 (१२५ ३):

    • Left: `कृ