नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)

नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)
Natyashastra Part 2 of Bharata Muni with Pradipa Commentary
महर्षि भरत मुनि (टीकाकार: पं. बाबूलाल शुक्ल शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished668 पृष्ठ
पृष्ठ 663, कुल 668 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 663
काशगतानिह? Left: आकाशगतानिह ।- wait, the first letter has a mark? No, it'sआकाशगतानिह ।wait, look at 'ग': is itगorन? It is आकाशगतानिह ।. Right: आकाशगानि च ।`)
-
Wait, look at left:
आकाशगतानिह ।? -
Wait, left has
आकाशगतानिह ।orआकाशगतानोह? It'sआकाशगतानिह ।. Right isआकाशगानि च ।. -
Row 19 (११७ १):
- Left:
स्पन्दिताचारी (आस्यन्दिता) - Right:
स्कन्दिता चारी ( आस्कन्दिता )
- Left:
-
Row 20 (१२० ७):
- Left:
दण्डपादश्च दक्षिणः ॥ ३१ ॥ - Right:
दण्डपादञ्च दक्षिणम् ॥ ३१ ॥
- Left:
-
Row 21 (१२० १०):
- Left:
पार्श्वक्रान्तञ्च दक्षिणः। - Right:
पार्श्वक्रान्तश्च दक्षिणः।
- Left:
-
Row 22 (१२५ ३):
- Left: `कृ