नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)

नाट्यशास्त्र: भाग २ (भरत मुनि - प्रदीप हिन्दी व्याख्या सहित: संगीत, वाद्य, ताल एवं रस-विधान)
Natyashastra Part 2 of Bharata Muni with Pradipa Commentary
महर्षि भरत मुनि (टीकाकार: पं. बाबूलाल शुक्ल शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished668 पृष्ठ
पृष्ठ 111, कुल 668 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 111
उपर्युक्त पृष्ठ पर मुद्रण अत्यंत धुंधला (under-inked/faded) है (संभवतः यह विषय-सूची का पृष्ठ है, जिसमें बाईं ओर १०५, १०६ आदि संख्याएँ तथा कोष्ठक में संदर्भ दिखाई दे रहे हैं)। स्याही के अत्यधिक हल्के होने के कारण पाठ स्पष्ट रूप से पठनीय नहीं है।
(पृष्ठ पर मुद्रित पाठ अत्यंत क्षीण/अस्पष्ट होने के कारण प्रामाणिक रूप से अपाठ्य है।)