मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)
Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya
मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished856 पृष्ठ
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(मम)न्तरितं->तत्सम(मम)न्तरितं? Wait, look at the brackets: तत्समा(मम)न्तरितं`!
In line 10:
एकांशेन प्रतिं चोर्द्ध्वे वाजनं चार्द्धभागिकम् ।
In line 11:
एकांशं कन्धरं प्रोक्तं कम्पमर्द्धेन योजयेत् ॥ १६१ ॥
In line 12:
पद्मार्द्धेन सार्द्धांशं कपोतां(तं)शेन वाजनम् ।
In line 13:
एकं तत्प्रतिबन्धं स्याद्द्विविधं तत्प्रकीर्तितम् ॥ १६२ ॥ 324
Wait, in तत्प्रकीर्त्तितम्: does it have double त् त्?
Look at line 13: तत्प्रकीर्तितम् or तत्तत्प्रकीर्तितम्?
Look at the characters: त प्र की र्त्ति त म्. There's no extra त. It's तत्प्रकीर्त्तितम्.
In line 14:
शेषं तु पूर्व्ववत्कुर्य्यात्सर्व्वालङ्कारसंयुक्तम् ।
In line 15:
तुङ्गे