कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)
Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary
महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा
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post is used for sacred purposes—how can, then, the
rites prescribed for the latter be performed in case
of the former ? And just as it is improper to do so,
so is your relation with Shiva 73
CHANGE OF VOICE —( हे गौरि ) अस्माद् असदीप्सिताद्
( त्वया ) मनः निवत्र्यताम्, तद्विधेन क ( भूयते ) पुण्यलक्षणया
त्वया च क ( भूयते ) ? साधुजनः श्मशानशूलस्य वैदिकीं यूप-
सत्क्रियां न अपेक्षते ॥ ७३ ॥
HINDI TRANSLATION :—( हे पार्वति ) इस बुरी इच्छा से
मन हटा लो ; इस प्रकार का वह कहां और शुभ चिन्हो वाली
तुम कहां ? श्रेष्ठ पुरुष श्मशान की शूली का वेदों में बताया हुआ
यज्ञस्तम्भ सम्बन्धी संस्कार नहीं करते ॥ ७३ ॥
ENGLISH TRANSLATION - Turn thy heart from this
evil desire, how widely different are the two—he of
that sort and thee possessed of auspicious marks ? Good
persons do not perform with regard to a stake in the
cemetery the purificatory ceremonies proper for a
sacrificial post as ordained in the Vedas 73
PURPORT IN SANSKRIT :—हे पार्वति ! चिताभस्मकपाला-
द्यशुभवस्तुषु प्रीतिकारिणि शिवे शुभचिह्नान्वितायां त्वयि च मह-
दन्तरम्, तस्माच्छिवप्राप्तिरूपानुचिता कामना त्वया त्याज्या । यथा
हि पण्डिताः श्मशानस्थितस्य शङ्कोः यूपसम्बन्धिनं वेदोक्तं संस्कारं
न कुर्वन्ति तथैव त्वयाप्यमाङ्गलिकः स माङ्गलिक इव न कम-
नीयः ॥ ७३ ॥
इति द्विजातौ प्रतिकूलवादिनि
प्रवेपमानाधरलक्ष्यकोपया ।