कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)
Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary
महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा
पृष्ठ 155, कुल 268 में से
संदर्भ में पढ़ें( १३६ )
reply to the enquiry of the Brahmana Parvati
did not apply collyrium to her eyes, because
ascetics are not permitted to do so The compound
is an Adverb to ऐक्षत—looked at 51
CHANGE OF VOICE :—द्विजन्मना प्रविश्य इति अभिहितया
तया मनोगतं शंसितुं न शेके, अथो, परिपार्श्ववर्तिनी वयस्या
विवर्तितानञ्जननेत्रं पेक्ष्यत ॥ ५१ ॥
HINDI TRANSLATION :—(उसके हृदय) की बात में
घुस कर उन ब्राह्मण से पूछी हुई वह अपने मन की बात को न
कह सकी। तब उसने अपने पास में स्थित सखी की ओर
अञ्जनरहित नेत्रों को मोड़ कर देखा ॥ ५१ ॥
ENGLISH TRANSLATION — She, thus addressed by
the Brâlımana, having entered (the secret of her
heart), could not speak out the desire of her mind
Then she looked at her friend, who was by her side,
with eyes devoid of collyrium. 51
PURPORT IN SANSKRIT : —एवं स ब्राह्मणः पार्वतीं तस्या
हार्दिकभावमपृच्छन्, परन्सा लज्जावशात् स्वहृदयस्थं भावं कथयितुं
समर्था नाभूत्। स्वयमुत्तरमदत्त्वैव स्वसमीपवर्त्तिनीं निजसखीं
प्रति स्वायाञ्जनरहिताभ्यां नेत्राभ्यां दृष्ट्वा च तां शिवाय निवेदयितुं
प्रेरयामास ॥ ५१ ॥
सखी तदीया तमुवाच वर्णिर्न
निबोध साधो तव चेत्कुतूहलम् ।
यदर्थमम्भोजमिवोष्णवारणं
कृतं तपःसाधनमेतया वपुः ॥ ५२ ॥