कृषि-पाराशर (महर्षि पराशर - प्राचीन भारतीय कृषि, मृदा-परीक्षण, वर्षा-पूर्वानुमान व बीज-संस्कार)
Krishi-Parashara of Maharshi Parashara
महर्षि पराशर (सम्पादक: गिरिजाप्रसन्न मजूमदार एवं सुरेशचन्द्र बनर्जी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५४ कृषिपराशरः
न्यग्रोधः सप्तपर्णश्च गम्भारी शाल्मली तथा ।
औदुम्बरी विशेषेण अन्या वा क्षीरवाहिनी ॥२१६॥
वटादीनामभावे तु कार्या स्त्रीनामधारिका ।
वैजयन्तीसमायुक्तो निम्बसर्षपरक्षितः ॥२१७॥
धान्यकेशरसंयुक्तस्तृणकर्कटकान्वितः । 5
अर्चितो गन्धपुष्पाभ्यां मेधिः शस्यसुखप्रदः ॥२१८॥
पौषे मेधिर्नचारोप्यः क्रूराहे श्रवणे तथा ।
शस्यवृद्धिकरो मार्गे पौषे शस्यक्षयप्रदः ॥२१९॥
1 B, C वा for च. B शाल्मलिः for शाल्मली.
D पर्णानि for पर्णश्च.
2 A, B औदुम्बरो. B अन्यो वा क्षीरवांस्तरुः for अन्या...वाहिनी. D reads
औदुम्बरस्य यत्नेन नान्या वा क्षीरवाहिनी.
1-2 This verse, said to have been taken from the Kṛtya-cintāmaṇi,
occurs in Raghunandana's Jyotistattva (Smṛti-tattva, I. p.
690) with वटश्च for न्यग्रोधः and औदुम्बरी तथा धात्री या चान्या
क्षीरधारिणी for line 2.
3 A न for तु, कार्यः for कार्या, धारकः for धारिका. Omitted by D.
4 B युता मेधि for समायुक्तो (C युक्ता), रक्षिता (also C) for रक्षितः.
Omitted by D.
5 B, C संयुक्ता for संयुक्त.
B, C मर्कटक for कर्कटक.
B, C अन्विता for अन्वितः.
6 B, C अर्चिता for अर्चितो, प्रदा for प्रदः.
C पुष्पाद्यैः for पुष्पाभ्यां.
7 B चारोप्या for चारोप्यः.
8 B ०करी for ०करो, क्षयंकरी for क्षयप्रदः.
C omits the line.