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सर्वकोश
कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary

सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished766 पृष्ठ

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पृष्ठ 764

( २ ) जाहिरात ।
नाम. की. रु. आ.
तथा प्रथम भाग ( ३-आदि, सभा, वनपर्व ) .... ... ... १-०
तथा द्वितीय भाग ( २-विराट, उद्योगपर्व ) ... ... ... १-०
तथा तृतीय भाग ( ८-भीष्म, द्रोण, कर्ण, शल्य, गदा, सौप्तिक,
ऐषिक, स्त्रीपर्व ) .... ... ... ... ... १-०
तथा चतुर्थ भाग ( ५-शान्ति, अश्वमेध, आश्रमवासिक, कुशल, स्वर्गा-
रोहणवर्णन ) .... ... ... ... .... १-०
विजयमुक्तावली ( महाभारतका सूक्ष्म वृत्तांत छंद बद्ध ) .... १-०
❊ परिहासदर्पण ... ... .... ... ... .... ०-६
अर्जुनगीता भाषा .... ... ... ... ... ... ०-४
शनिकथा कायस्थकी .... ... ... .... ... ... ०-१॥
शनिकथाराघवदासकृत ... ... ... ... ... ... ०-२
शनिकथा बड़ी पं० रामप्रतापजीकृत ... ... ... .... ०-८
रुक्मिणी मंगल बड़ा ( पद्मभक्तकृत मारवाडी भाषा ) .... ... १-४
हनुमानबाहुक पंचमुखी कवच समेत मूल ... ... ... ०-१॥
नासिकेतपुराणभाषा ( स्वर्गनरकका वर्णन ) ... ... ... ०-६
नरसीमेहताका मामेरा बड़ा ... ... ... ... ... ०-५
विस्मिलपरिवारका स्वांग ( इश्कचमन ) ... ... ... ०-८
सूर्यपुराणादि २२५ रत्न अतिउत्तमकागज और जिल्दबंधा ... ०-८
सूर्यपुराणादि २२५ रत्न रफू ... ... ... ... ०-६
ज्ञानमाला .... ... .... ... .... ... ... ०-२
मंगलदीपिका अर्थात् शाखोच्चार... ... ... ... ०-१॥
दंपतिवाक्यविलास-जिसमें सब देशांतरकी यात्रा और धंधेके
सुखको पुरुषने मंडन और स्त्रीने खंडन किया है दोहा
कवित्तोंमें ( सुभाषित ) ... ... ... ... ०-१२
रसरंग ( ज्ञानभक्तिमार्गी अजबरँगीले पद्य कृष्णगढ़
महाराज प्रणीत ) ... ... ... ... ... ०-८