कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)
Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary
सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंक्रयपुस्तकें—(भाषा काव्य.)
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नाम. की. रु. आ.
रामरसायन रामायन-रसिकविहारीकृत ... .... ... .... ४-०
रसिकप्रिया सटीक ... ... ... ... .... ... १-४
रामचंद्रिका सटीक कवि केशवदास प्रणीत ... .... २-०
काव्यनिर्णयभाषा छन्दबद्ध [भिखारीदासकृत] मनहरण छन्दोंमें कठिन
(अलंकार) वर्णन... ... ... ... ... .... १-४
जगद्विनोद [ पद्माकरकृत नायकाभेद ].. .... ... ... ०-६
रसराज [ मतिरामकृत नायकाभेद ] ... ... ... ०-६
ब्रजविलास बड़ा मोटेअक्षरका टिप्पणीसहित ... ... .. ५-०
ब्रजविलास मध्यमअक्षर टिप्पणी सहित विलायती जिल्द ग्लेज .... २-०
तथा रफ़ू कागजका ... .... ... ... ... १-८
ब्रजविलास छोटा अक्षर ग्लेज ... .... ... .... ... १-०
, ” ” रफ़ू... ... ... ... ०-१२
ब्रजचरित्र (श्रीराधाकृष्णजीकी सर्वलीला सुगम दोहा चौबोलोंमें
वर्णित हैं)... ... ... .... ... .... ३-०
प्रेमसागर बड़ा ग्लेज कागजका... ... ... : ... १-८
प्रेमसागर बड़ा रफ़ू .... .... ... ... १-४
भक्तमाला रामरसिकावळी बड़ी रीवाँधिपति महाराज रघुराजसिंहकृत
अत्युत्तम छन्दबद्ध जिसमें चारोंयुगोंके भक्तोंकी भिन्न २ कथा हैं
और यह द्वितीयावृत्ति उत्तर चरित्र समेत अत्युत्तम नई छपी है ४-०
रामस्वयंवर श्रीममहाराजरघुराजसिंहकृत (काव्यदेखनेयोग्य) ... ४-८
रुक्मिणीपारिणय-महाराज श्रीरघुराजसिंहजूदेव प्रणीत ... ... १-८
भक्तमाल नाभाजीकृत सटीक (छन्दबद्ध) ... ... ... १-४
महाभारत भाषा सबलसिंहकृत—तुलसीदासजीके रामायणकी रीतिसे दोहा
चौपाईमें १८ अठारहोंपर्व ... ... ... .... ... ३-८