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सर्वकोश
कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary

सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished766 पृष्ठ

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बघेलवंशागमनिर्देश ।
दोहा-वंदौं वाणी वीण कर, विधिरानी विख्यात ॥
वरदानी ज्ञानी सुयश, हरि गानी दिन रात ॥ १ ॥
मदन कदन सुत मुद सदन, वारण वदन गणेश ॥
वंदतहों अरविंद पद, प्रद उर बुद्धि विशेष ॥ २ ॥
सवैया-श्रीरघुनंदन श्रीयदुनंदन औध द्वारकाधीसविलासी ।
रावणकंस विध्वंस किये जिन अंश भयअवतारप्रकाशी
पारकयाभवसिंधु अपारको वोहितनामजासंतसुपासी।
वंदत हौं तिनके पद द्वंद्व सुमैं अरविंद अनंदकेरासी ॥
दोहा-शंकर शंकर पद कमल, वंदन करौं निशंक ॥
शिर मयंक शुचि वंक जेहिं, लसति शैलजा अंक ॥३॥
प्रियादास पद पद्म युग, पुनि पुनि करहुँ प्रणाम ॥
विश्वनाथ नरनाथ गुरु, हरि स्वरूप सुखधाम ॥ ४ ॥
सांच मकुंद स्वरूपजे, नाम मुकुंदाचार्य्य ॥
वंदौं नृप रघुराज गुरु, करन सिद्धि सब कार्य्य ॥ ५॥