कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)
Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary
सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा
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ॐ
अथ बेलि प्रारम्भ ।
हंसा सरवर सरिरहो रमैया राम ।
जगत चोर घर मूसल हो रमैया राम ॥ १ ॥
जो जागल सो भागल हो रमैया राम ।
सोवत गैल बिगोय हो रमैया राम ॥ २ ॥
आज बसेरा नियरे हो रमैया राम ।
कालिह बसेरा दूरि हो रमैया राम ॥ ३ ॥
परेहु बिराने देश हो रमैया राम ।
नैन मरेंगे ढूँढ़ि हो रमैया राम ॥ ४ ॥
त्रास मथन दधि मथन कियो हो रमैया राम ।
भवन मथ्यो भरि पूरि हो रमैया राम ॥ ५ ॥
हंसा पाहन भयल हो रमैया राम ।
बेधि न पद निरवान हो रमैया राम ॥ ६ ॥
तुम हंसा मन मानिक हो रमैया राम ।
हटल न मानल मोर हो रमैया राम ॥ ७ ॥
जस रे कियो तस पायो हो रमैया राम ।
हमर दोष जनि देहु हो रमैया राम ॥ ८ ॥
अगम काटि गम कीन्हो हो रमैया राम ।
सहज कियो बैपार हो रमैया राम ॥ ९ ॥