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सर्वकोश
कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary

सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished766 पृष्ठ

पृष्ठ 482, कुल 766 में से

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पृष्ठ 482

( ४३४ ) बीजक कबीरदास ।
गतिकी राह ताको छोड़िकै ऊर्ध्व कहै साहबके यहां जाबेकी जोराहहै तामें मन
लगाउ अपामेटिकै कहै जो आपन सब मानि राख्यो है सो सबसाहबको मानिकै
औ आपनेहूंको साहबको मानिकै प्रेमको बढावै । ध बंधनको औ धाता को क-
है हैं तामें प्रमाण ॥ “धो बंधने धनाध्यक्षे धाता धीर्मरुतावपि” ॥ २० ॥
नना वो चौथेमें जाई । रामको गदह है खर खाई ॥
नाहछोड़ि कियैनर्कबसेरा। नीच अजौंचितचेतुसवेरा॥२१॥
न कहिये गुणको औ ना कहिये निंदाको सो हेजीव ! तैं त्रिगुण में बँधिकै
निन्दारूप द्वैगयो अर्थात् निंदा करिबेलायक द्वैकैमन बुद्धि चित्तमें अहंकार जो
चौथ तामें परिकै अर्थात् आपने को ब्रह्ममानिकै रामको तैं द्वैकै अर्थात् तैंतो
श्रीरामचन्द्रको है परन्तु अवरे २ में गदहा द्वै खर खात फिरै है । अर्थात्
झूर ज्ञानमें परौहै सो नाह जे परमपुरुष श्रीरामचन्द्र हैं तिनको छोड़िकै
नरकमें बसेराकियो सोहेनीच ! अबै सबेरो है अजहूं चेतु । न गुणको औ निन्दा-
को कहै हैं तामें प्रमाण ॥ “नैकारः स्याद्गुणे चंद्रेदुःस्तुतौ च प्रकीर्तितः”॥२१॥
पपा पाप करै सब कोई । पापके धरे धर्म नहिं होई ।
पपा कहै सुनहु रे भाई । हमरेसेये कछू न पाई ॥ २२ ॥
प कहिये श्रेष्ठको पा कहिये रक्षकको । सो हेजीव ! तैं साहबको द्वैकै औरे
औरे देवनको श्रेष्ठ मानै है औ रक्षक मानैहै । सो पापई करै है पापके किये-
ते धर्म नहीं होयगो अर्थात् औरे देवनके किये तेरी रक्षा न होयगी काहेते
पपा जेहैं श्रेष्ठ रक्षक जिनको तैं मानै है तेई कहै हैं “हे भाई ! सुनो हमारे
सेये कछू न पावैगो, मुक्ति हमारी दीनि नहीं दैजाइ मुक्ति श्रीरामचन्द्रही की
दई दैजाइ है तामें प्रमाण ॥ “मुक्तिप्रदाता सर्वेषां विष्णुरेव न संशयः” । विष्णु-
श्रीरामचन्द्रको नामहै सो हमारे सर्वसिद्धान्तमें लिखोहै । प श्रेष्ठको औ रक्षकको
कहैहैंतामें प्रमाण ॥ “पैरमे पःसमाख्यातो पापाने चैव पातरि” ॥ २२ ॥
१-‘ध’ बाँधना, कुबेर, ब्रह्मा बुद्धि और वायुको कहतेहैं ।
२-‘न’ गुण, चन्द्रमा और निन्दामें कहाजाताहै ।
३-‘प’ श्रेष्ठको, ‘पा’ पीने, रक्षाकरनेवाले और पीनेवालेको कहतेहैं ।