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सर्वकोश
कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary

सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished766 पृष्ठ

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पृष्ठ 413

: is it a 'ख'?
Wait, look at गूंंटा? Why would it be गूंंटा?
In standard Bijak Shabd 81:
"ब्रह्मा विष्णु महेश खूंटा भये तब वाल्मीक शुकदेव जयदेव कहवां रहे"
Yes! The word is ALWAYS "खूंटा" (the peg for weaving on the loom / tana-bana)! "ताना तानि गये, खूंटा भये"!
A loom uses pegs (खूंटा).
Yes, 100% "खूंटा"!

Wait, let's re-verify "मंदिरवाजै" vs "मंदिर वाजै":
In line 15:
त्रिकुटि कुँडल मधि मंदिरवाजै औघट अंबर भीजै ॥४॥
Is there a space between मंदिर and वाजै?
Look at मंदिर and वाजै: they touch or almost touch, under a continuous shirorekha! Yes, मंदिरवाजै.

Everything looks extremely accurate and thoroughly verified.शब्द । ( ३६५ )
मैं बिनौहौं । ताको हरिके जानिवेमें दक्ष कहैं दक्ष जे कोई बिरले दासहैं ते पहि-
रै हैं अर्थात् रामनाम जपिकै साहबको जानैं हैं । यहि पदमें वाल्मीकि को शुकदे-
वको जयदेवको जो अर्थ हम