कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)
Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary
सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished766 पृष्ठ
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" ? No, "गुण"
"जे"
"साहबहैं"
"तिनको"
"ज्ञान"
"जाको"
"लखायो"
"है"
"ताको"
Let's check line 19 (prose line 6):
"मनतहँई लय भयो मनोनाश बासना क्षयहैगई जब मनोनाश भयो तब धाया"
Wait:
"मनतहँई" (together)
"लय"
"भयो"
"मनोनाश"
"बासना"
"क्षयहैगई" (together: क्ष-य-है-ग-ई)
"जब"
"मनोनाश"
"भयो"
"तब"
"धाया"
Let's check line 20 (prose line 7):
"कहे हंसरूप में स्थितहै साहबके पास को धावत भयो ॥ २ ॥ क्षत्रियसोहै जो"
Wait:
"कहे"
"हंसरूप"
"में"
"स्थितहै"
"साहबके"
"पास"
"को"
"धावत"
"भयो"
"॥ २ ॥"
"क्षत्रियसोहै"
"जो"
Let's check line 2