हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)
Hindutva: Who is a Hindu? by Veer Savarkar
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा
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हिन्दू नामकी उत्पत्ति
अभी इतना ऐतिहासिक अनुसन्धान नहीं हुआ है कि यह
निश्चित रूपसे बताया जा सके कि पहले-पहल आर्य लोग सिन्धु
नदीके किनारे कब आकर बसे और कब उन्होंने वहां अपना
अग्निहोत्र स्थापित किया। परन्तु यह निश्चित है कि प्राचीन
मिश्रवासी और बैबिलनवालोंकी जिस सभ्यताका संसारमें
इतना नाम हुआ उस सभ्यताका जब पता भी नहीं था, तभी पवित्र
सिन्धुसलिलकी कलकल ध्वनिके साथ यज्ञीय धूमकी सुगन्ध
भी प्रवाहित हुआ करती थी और वह तट-प्रदेश वेदघोषसे गूँजा
करता था, जिससे आर्योंके अन्तःकरणमें आध्यात्मिक ज्योति
प्रज्वलित रहा करती थी। ये लोग पराक्रमी थे, वीर थे, सत्या-
नुसन्धान करते हुए इन्होंने अत्यन्त गम्भीर तत्वोंका अनुभव
किया था। ये लोग ऐसे थे, इसीलिये ये एक महान् और स्थायी
संस्कृतिकी नींव डालनेमें समर्थ हो सके। अपने और पड़ोसियों-
से, खासकर ईरानियोंसे, जिस समय इनका सम्बन्ध टूट चुका
था, उस समयतक ये सातों सिन्धु—सप्तसिन्धुमें फैल चुके थे;
और इनमें राष्ट्रीयताकी भावना केवल विकसित हीं नहीं हुई
थी, प्रत्युत उन्होंने उसका स्थान और नाम भी निर्दिष्ट कर दिया
था। नदियोंसे घिरे और सींचे जानेवाले इस देशमें रहते हुए