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सर्वकोश
हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)

हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)

Hindutva: Who is a Hindu? by Veer Savarkar

स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

पृष्ठ 19, कुल 167 में से

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पृष्ठ 19

हिन्दू नाममें क्या है ३
ऐसे जीवनप्रद और कर्तव्यसूचक तथा गौरववाचक नामोंमें
एक नाम हिन्दुत्व है, जिसके अर्थका विचार हम इस पुस्तकमें
करना चाहते हैं। इस नाममें इतनी भावनाएं और संस्थाएं छिपी
हुई हैं और वे भावनाएँ और संस्थाएँ इतनी बलवती और गम्भीर
हैं कि इस नामका विश्लेषण करना असम्भव हो जाता है।
यदि अधिक नहीं तो चालीस शताब्दियोंका इतिहास इस नाममें
भरा हुआ है—इस नामका जो अभिप्राय है उस अभिप्रायको
व्यक्त करनेकी शक्ति इसे प्राप्त करनेमें ४० शताब्दियाँ लगी हैं।
बड़े-बड़े अवतारी पुरुष और कवि, शास्त्री पण्डित और धर्मव्यव-
स्थापक, योद्धा और इतिहासकार इस नामके लिये जीये, इस
नामके लिये लड़े और इस नामपर मर मिटे ! यह नाम क्या
हमारी जातिके असंख्य कार्योंका ही परिणाम नहीं है ? कभी
युद्ध, कभी मिलाप और कभी परस्पर सहयोगके रूपमें हिन्दू
जातिने जो कुछ किया वह सब इस नाममें है। हिन्दुत्व केवल
एक शब्द नहीं है, एक सम्पूर्ण इतिहास है। हिन्दुत्वसे अभि-
प्राय किसी संप्रदायका संप्रदायधर्म नहीं हो सकता। हिन्दुत्व
हमारी हिन्दू जातिका संपूर्ण इतिहास है। हिन्दुत्वका सम्पूर्ण
भाव हृदयङ्गम करनेके लिये हमें 'हिन्दू' शब्दका ही वास्तविक अर्थ
पहले समझना होगा और यह जानना होगा कि करोड़ों मनुष्यों-
के हृदयमें इस नामका साम्राज्य कैसे प्रतिष्ठित हुआ और कैसे
इस वीर हिन्दू जातिने यह नाम धारण किया।