हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)
Hastyayurveda Gajashastra of Palakapya Muni with Commentary
पालकाप्य मुनि (सम्पादक: पं. शिवदत्त शर्मा) द्वारा
पृष्ठ 593, कुल 742 में से
संदर्भ में पढ़ेंातिकीर्णपा?
Wait: स्या (syā) द्धा (ddhā) or द्वा (dvā)? It is 'द्वा': d-vā.
ति (ti)
की (kī)
र्त्त (rtta) or र्ण (rṇa)?
पा (pā) or या (yā)?
Wait, look at: "स्याद्वातिकीर्तपा"? No, "स्याद्वातकिल्विषी"?
Let's look at the letters:
स्या (syā)
द्वा (dvā)
ति (ti)
की (kī)
र्ण (rṇa) with repha?
पा (pā) ॥
Wait, look at the end of line 16: 'पा ॥'.
Line 17:
अतीवस्वेदकस्तस्मै दातव्यो दन्तिनं नृप ॥ २९ ॥
Wait, "अतीवस्वेदकस्तस्मै दातव्यो दन्तिनं नृप ॥ २९ ॥"
Wait, 'दन्तिने' or 'दन्तिनं'?
Look at 'नं': it has a dot on top! 'दन्तिनं'.
Line 18:
प्रथमायाँ द्वितीयायां देयो गोधूमस्वेदकः ॥
Wait, "प्रथमायां" - is there a candrabindu or anusvara? "प्रथमायां" with anusvara.
"द्वितीयायां देयो गोधूमस्वेदकः ॥"
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