दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)
Durga Saptashati / Devi Mahatmyam with Commentary
महर्षि वेदव्यास / मार्कण्डेय पुराण द्वारा
DevanagariHindipublished156 पृष्ठ
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पुनः कृतज्ञतापूर्वक उन्हीं की धरोहर उन्हीं को सादर समर्पित
करता हूँ; क्योंकि वे ही सर्व-शक्ति सम्पन्न, सर्वत्र व्याप्त, सर्व-पूज्या
जगदम्बा हैं, उन्हें ही सतत नमस्कार है ।
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या,
निश्शेष देवगण शक्ति समूह मूर्त्या ।
तामम्बिकामखिल देव महर्षि पूज्यां
भक्त्या नताः स्म विद-धातु शुभानि सा नः ॥दु०स०४/३॥
-आचार्य भागवतानन्द सरस्वती
चैत्र शुक्ल नवमी परमार्थ आश्रम, सप्त सरोवर, हरिद्वार
(राम नवमी) एवम्
१ अप्रैल १६६३ आनन्द वृन्दावन (मथुरा)
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