सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

Durga Saptashati / Devi Mahatmyam with Commentary

महर्षि वेदव्यास / मार्कण्डेय पुराण द्वारा

DevanagariHindipublished156 पृष्ठ

पृष्ठ 42, कुल 156 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 42

श्री दुर्गा सप्तशती पारिजात सौरभ [ १८
२-मंत्र ६० :
[यंत्र: श्रीं] पैंतालीस दिनों तक एक हजार नित्य जपने
से 'सर्वज्ञान' होता है ।
३-मंत्र ३२ :
[यंत्र: श्रीं] पैंतालीस दिनों तक प्रतिदिन एक हजार
जपने से धन वृद्धि होती है ।
४-मंत्र २७ :
[यंत्र: ह्रीं] पैंतालीस दिनों तक प्रतिदिन एक हजार
जपने से ईश्वर दर्शन एवं आत्म ज्ञान होता
है ।
५-मंत्र ८८ :
[यंत्र: ह्रीं] २१ दिन तक छः हजार जपने से सभी रोगों
का नाश ।
६-मंत्र ३० :
[यंत्र: ॐ] छियाणवें दिन तक एक हजार नित्य जपने
से आधिदैविक शक्ति प्राप्ति ।
७-मंत्र ५२ :
[यंत्र: रं] पैंतालोस दिनों तक प्रतिदिन एक हजार
जपने से कान तथा नेत्र चिकित्सा ।