दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)
Durga Saptashati / Devi Mahatmyam with Commentary
महर्षि वेदव्यास / मार्कण्डेय पुराण द्वारा
DevanagariHindipublished156 पृष्ठ
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श्री दुर्गा सप्तशती पारिजात सौरभ [ १२२
के कारण मुक्ति का वर प्राप्त किया। अत राजा सुरथ को
राज्य तथा समाधि वैश्य को दिव्य ज्ञान मिला, जिससे वह मुक्त
हो गया। यही सुरथ अगले जन्म में राजा बन कर सावर्णि
मनु होंगे।
स्पष्ट है करुणामयी माँ भक्त की अभिलाषानुसार
भक्ति एवं मुक्ति दायिनी हैं।