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सर्वकोश
दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्यम् (पारिजात सौरभ सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

Durga Saptashati / Devi Mahatmyam with Commentary

महर्षि वेदव्यास / मार्कण्डेय पुराण द्वारा

DevanagariHindipublished156 पृष्ठ

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पृष्ठ 117

६३ ] श्री दुर्गा सप्तशती पारिजात सौरभ
जीवन के सागर में तूफान भी आते हैं,
जो माँ के सहारे हैं वे ही बच पाते हैं।
वे आप ही आयेंगी, बस तुम याद किया करना ॥ ३
हे भक्त ! तू दुःख में न रो, माँ तुझ से दूर नही है,
भक्तों का दुखी होना, माता को मंजूर नहीं है ।
है भक्तों की रखवाली, तुम उनकी शरण लिया करना ॥ ४॥