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धनी धर्मदास जी की शब्दावली (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर साहिब के प्रथम पट्टशिष्य)

धनी धर्मदास जी की शब्दावली (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर साहिब के प्रथम पट्टशिष्य)

Dhani Dharamdas Ji Ki Shabdavali: Belvedere Press

सन्त धनी धर्मदास जी (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा

DevanagariHindipublished98 पृष्ठ

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सूचीपत्रे
शब्द पृष्ठ
साहेब लेइ चलो . .. .. . - २८
साहेब साहेबी तन हेरो . २०
साहेब सतगुरु घर आया हो . . . ५५
साहेब हमरे सहज . .. .. . ७२
सुकृत फूल गुलाब को .. . .. . ३७
सूचित होइ सब्द बिचारो हो ... . . . ९
सुरत निरत दोउ . ११
सुरत पर सतगुर .. . २१
सूतल रहलौं मैं सखियाँ . ... ... . ४५
सभा आरति नाम तुम्हारा .. .. ... . १८
साँई मैं असल गुलाम ... .. . २४
साँझ भई, पिया बिन ... .. . .. १६
ह
हमरा बियाह करो ... .. . ... ५०
हमरी उमिरिया ... .. ... ... ६०
हमरे का करे हाँसी लोग .. ... ... ... ७१
हम सत्त नाम के बैपारी ... ... ... ... ७
हमै एक अचरज जानि पड़े ... ... ... . ३३
हीरा झलकै द्वार पर .. ... ... ३७
होरी खेलो सयानी ... . ... ... ६०
हस उवारन सतगुरु ... ... .. ... ३
हस उवारि अपन करि ... ... ... .. १८
ज्ञ
ज्ञान की चुनरी धुमल . . ... . ६८
बारह मासा .... .... .... .... ५७
पहाड़ा .... .... .... .... ७६
नाम लीला .... .... .... .... ७७
मुक्ति लीला .... .... .... .... ८१