धनी धर्मदास जी की शब्दावली (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर साहिब के प्रथम पट्टशिष्य)
Dhani Dharamdas Ji Ki Shabdavali: Belvedere Press
सन्त धनी धर्मदास जी (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंसूचीपत्र ३
शब्द पृष्ठ
झ
झरि लागै महलिया ... ... ... ... ३३
त
तुम सतगुरु हम सेवक ... ... ... ... २९
तुम संतो खेलु सम्हारि ... ... ... ... ६१
थ
थोरे दिन की ज़िंदगी ... ... ... ... ७
द
दीना-नाथ दयाल ... ... ... ... २३
देवो न देवो प्रभु जन अपने को ... ... ... ... ६५
ध
धन हौ धन साहेब ... ... ... ... ४
धनुष वान लिये ... ... ... ... ४६
धरमदास आरती साजा ... ... ... ... १८
धर्मनि वा देस हमारो ... ... ... ... ३०
न
नाम रटन रट लागि रहै ... ... ... ... ६
नाम रस ऐसा है भाई ... ... ... ... ५
नैन दरस बिन मरत ... ... ... ... १२
नैनन आगे ख्याल ... ... ... ... ६८
प
पढ़ सुगना सतनाम ... ... ... ... ४३
पधारो साहेब पाहुना ... ... ... ... ५४
प्यारे कंत से मिलि ... ... ... ... ५९
पिया परदेसिया ... ... ... ... ७४
पिया बिन मोहिँ नीँद न आवै ... ... ... ... १५
पिया बिना मोहिँ नीक ... ... ... ... १५
ब
बधावा संत सजाऊँ हो ... ... ... ... ५४