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धनी धर्मदास जी की शब्दावली (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर साहिब के प्रथम पट्टशिष्य)

धनी धर्मदास जी की शब्दावली (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर साहिब के प्रथम पट्टशिष्य)

Dhani Dharamdas Ji Ki Shabdavali: Belvedere Press

सन्त धनी धर्मदास जी (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा

DevanagariHindipublished98 पृष्ठ

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८ जीवन-चरित्र
वह भी जिन में कबीर साहेब और उनका दोनों का नाम है, क्योंकि अपने गुरू
कबीर साहेब का नाम भी धर्म्मदासजी ने अपने कितने पदों में सेवक भाव
से रख दिया है। इस सम्मति का प्रमाण अक्सर दोनों छापवाले पदों से
मिलता है जिन में साफ़ साफ़ धर्म्मदासजी की बिनती कबीर साहेब के
चरणों में है। इस हिसाब से आठ दस शब्द दोहरे छाप के जो हमने कबीर
साहेब की शब्दावली के पहिले और दूसरे भागों में छापे हैं और पूरी “ज्ञान
गुदड़ी” धर्म्मदास जी की समझी जायगी। जो हो अब उनको यहाँ दुबारा
छापने की ज़रूरत नहीं है पर वैसे और शब्द जो हमको प्रमाणिक कबीरपंथियों
ने धर्म्मदास जी की बानी कह कर दिये उन्हें हमने इस बानी मैँ शामिल
कर दिया है॥