धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)
Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation
महापण्डित राहुल सांकृत्यायन द्वारा
DevanagariHindipublished213 पृष्ठ
पृष्ठ 32, कुल 213 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 32
४-पुप्फवग्गो
श्रावस्ती पाँच सौ भिक्षु
४४-को इमं पठविं विजेस्सति यमलोकञ्च इमं सदेवकं ।
को धम्मपदं सुदेसितं कुसलो पुप्फमिव पच्चेस्सति ॥१॥
( क इमां पृथिवीं विजेष्यते यमलोकं च इमं सदेवकम् ।
को धर्मपदं सुदेशितं कुशलः पुष्पमिव प्रचेष्यति ॥१॥ )
अनुवाद—देवताओं सहित उस यमलोक और इस पृथिवीको कौन
विजय करेगा ; सुन्दर प्रकारसे उपदिष्ट धर्मके पदोंको कौन
चतुर (पुरुष) पुष्पकी भाँति चयन करेगा ?
४५-सेखो पठविं विजेस्सति यमलोकञ्च इदं सदेवकं ।
सेखो धम्मपदं सुदेसितं कुसलो पुप्फमिव पच्चेस्सति ॥२॥
( शैक्षः पृथिवीं विजेष्यते यमलोकं च इमं सदेवकम् ।
शैक्षो धर्मपदं सुदेशितं कुशलः पुष्पमिव प्रचेष्यति ॥२॥ )
[ २१