दत्तकमीमांसा (नन्दपण्डित - हिन्दू दत्तक-ग्रहण विधि एवं न्याय का आधारभूत ग्रन्थ)
Dattaka Mimansa of Nanda Pandita on Hindu Adoption Law
नन्दपण्डित (अनुवादक: जे. सी. सी. सदरलैण्ड) द्वारा
पृष्ठ 140, कुल 191 में से
संदर्भ में पढ़ेंचित" -> "विवाहोचित"!
And between 'तु' and 'विवाहोचित': there is a small bracket or mark: तु [विवाहोचित... or तु विवाह-?
Wait, look at the symbol: it looks like an opening bracket: [!
Now let's examine the footnote section (lines 18-21):
Separated by a horizontal line.
गोत्ररिक्थ इति। अत्र जनयितुर्गोत्ररिक्थग्राहित्वेन सत्तया-
Wait, let's read L18:
"गोत्ररिक्थ इति। अत्र जनयितुर्गोत्ररिक्थग्राहित्वेन सत्तया-"
Wait, is it "सत्तया-" or "सत्या-"?
Letter: 'स', 'त्त' or 'त्थ'?, 'या': "सत्तया-" (or "सत्या-"). Looks like "सत्तया-".
ऽदातृत्वेन च प्रतिग्रहीतुर्गोत्ररिक्थग्राहित्वं प्रतीयते। स्वधेति । -
Wait, start of L19:
"ऽदातृत्वेन" or "ऽदातृकत्वेन" or "ऽदातृत्वेन"?
Look at: "ऽदातृत्वेन" or "दातृत्वेन"?
There is an avagraha 'ऽ' at the beginning of L19: "ऽदातृत्वेन च प्रतिग्रहीतुर्गो