सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंश्री दादूवाणी-राग बिलावल 21
मक्का बीचि मुसाफरीला, मदीना मुलतान वे ॥ टेक ॥
नबी नाल पैगम्बरे, पीरों हंदा थान वे ।
जन तहुँ ले हिकसा ला, इथां बहिश्त मुकाम वे ॥ 1 ॥
इथां आब जमजमा, इथांई सुबहान वे ।
तख्त रबानी कंगुरेला, इथांई सुलतान वे ॥ 2 ॥
सब इथां अंदर आव वे, इथांई ईमान वे ।
दादू आप वंजाइ बेला, इथांई आसान वे ॥ 3 ॥
353. (पंजाबी) क्रीड़ा ताल खंडनि
आसण रमदा रामदा, हरि इथां अविगत आप वे ।
काया काशी वंजणां, हरि इथैं पूजा जाप वे ॥ टेक ॥
महादेव मुनि देवते, सिद्धैंदा विश्राम वे ।
स्वर्ग सुखासण हुलणैं, हरि इथैं आत्माराम वे ॥ 1 ॥
अमी सरोवर आतमा, इथांई आधार वे ।
अमर थान अविगत रहै, हरि इथैं सिरजनहार वे ॥ 2 ॥
सब कुछ इथैं आव वे, इथां परमानन्द वे ।
दादू आपा दूर कर, इथांई आनंद वे ॥ 3 ॥
इति राग बिलावल सम्पूर्णः ॥ 21 ॥ पद 20 ॥
दादूराम
सत्यराम
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