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सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

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पृष्ठ 437

श्री दादूवाणी-राग सोरठ 19
शरण तुम्हारी रहै निशवासर, तिनको तूँ न लखावै ॥ 1 ॥
शंकर शेष सबै सुर मुनिजन, तिनको तूँ न जनावै ।
तीन लोक रटैं रसना भर, तिनको तूँ न दिखावै ॥ 2 ॥
दीन लीन राम रंग राते, तिनको तूँ संग लावै ।
अपने अंग की युक्ति न जानै, सो मन तेरे भावै ॥ 3 ॥
सेवा संजम करें जप पूजा, शब्द न तिनको सुनावै ।
मैं अछोप हीन मति मेरी, दादू को दिखलावै ॥ 4 ॥
इति राग सोरठ सम्पूर्णः ॥ 19 ॥ पद 14 ॥

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