सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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- ज्ञान । रूपक ताल
भाई रे, तब क्या कथसि गियाना,
जब दूसर नाहीं आना ॥ टेक ॥
जब तत्त्वहिं तत्त्व समाना, जहाँ का तहँ ले साना ॥ 1 ॥
जहाँ का तहाँ मिलावा, ज्यों था त्यों होइ आवा ॥ 2 ॥
संधे संधि मिलाई, जहाँ तहाँ थिति पाई ॥ 3 ॥
सब अंग सबही ठांहीं, दादू दूसर नांहीं ॥ 4 ॥
इति राग अडाणा सम्पूर्ण ॥ 5 ॥ पद 6 ॥