सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

पृष्ठ 257, कुल 504 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 257

सजीवन का अंग
www.dadooram.org
अथ सजीवन का अंग २६
मंगलाचरण
दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः ।
वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगतः ॥ 1 ॥
दादू जे तूं जोगी गुरुमुखी, तो लेना तत्त्व विचार ।
गह आयुध गुरु ज्ञान का, काल पुरुष को मार ॥ 2 ॥
नाद बिंदु सौं घट भरै, सो जोगी जीवै ।
दादू काहे को मरै, राम रस पीवै ॥ 3 ॥
साधु जन की वासना, शब्द रहै संसार ।
दादू आतम ले मिलै, अमर उपावनहार ॥ 4 ॥

  • 257 -