अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)
Amar Shaheed Chandrashekhar Azad
सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंथी। उन्हें ताँगे से उतारकर अन्दर ले जाया गया। तब उनसे ज्ञात हुआ
कि बम के परीक्षण के समय बम भगवतीचरण के हाथ में ही फट गया था।
जिससे उनका हाथ उड़ गया। उसी के कारण सुखदेवराज के पैर में भी
गम्भीर चोट लगी थी। भगवतीचरण की हालत अत्यन्त गम्भीर थी,
उसी ने सुखदेव को यहाँ भेजा था, ताकि अन्य सदस्यों को इसका समाचार
दिया जा सके। इस घटना का वर्णन करते हुए श्री वीरेन्द्र लिखते हैं—
"सुखदेवराज उन्हें छोड़कर जाना न चाहता था। परन्तु भगवतीचरण
ने उससे कहा, 'बचने की कोई आशा नहीं। इतना खून बह चुका है कि मैं
अब बच नहीं सकता। न ही तुम मुझे बहावलपुर रोड तक पहुँचा सकते
हो। मैं यह भी नहीं चाहता कि इस हालत में जाने से किसी को सन्देह हो
जाए और हमारे दूसरे साथियों के लिए कोई मुसीबत खड़ी हो जाए। इस-
लिए अब मुझे यहीं छोड़ दो और तुम जाओ और जाकर शेष साथियों को
सावधान कर दो। मेरी अब चिन्ता मत करना। जो कुछ होगा देखा
जाएगा।'"