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अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

Amar Shaheed Chandrashekhar Azad

सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा

DevanagariHindipublished148 पृष्ठ

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92 चन्द्रशेखर आजाद
लाहौर सेण्ट्रल जेल में थे। अतः 17 जून, 1929 को उन्होंने पंजाब राज
के इंसपेक्टर जनरल जेल को अपना स्थानान्तरण लाहौर सेण्ट्रल जेल
करवाने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया। उनकी यह मांग मान ली गई और
इसी माह के अन्तिम सप्ताह में उन्हें लाहौर सेण्ट्रल जेल भेज दिया गया।
लाहौर काण्ड पर मुकदमा :
साण्डर्स हत्याकाण्ड, जो लाहौर काण्ड भी कहलाता है, इस पर
मुकदमा 10 जुलाई, 1929 से लाहौर के मजिस्ट्रेट श्री कृष्ण की अदालत में
प्रारम्भ हुआ। भगतसिंह तथा बटुकेश्वर दत्त अनशन पर थे, अतः उन्हें
स्ट्रेचर पर अदालत में लाया गया। इसके बाद उनके समर्थन में इस काण्ड
के अन्य अभियुक्तों ने भी भूख हड़ताल आरम्भ कर दी। भगतसिंह ने 14
जुलाई, 1929 को अपनी मांगों के विषय में भारत सरकार के गृह सदस्य
को एक पत्र भेजा, जिसमें कैदियों के लिए सुविधाओं की मांग की गई थी।
सरकार इन मांगों को कोई महत्त्व नहीं दे रही थी, हड़ताल चलती रही।
कैदियों का स्वास्थ्य दिन-प्रतिदिन गिरता रहा, भगतसिंह का वजन प्रारम्भ
में 133 पौण्ड था, जो 30 जुलाई तक लगभग 5 पौण्ड प्रति सप्ताह गिरता
रहा और फिर स्थिर हो गया।
अनशन में जतीनदास की मृत्यु