अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)
Amar Shaheed Chandrashekhar Azad
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चन्द्रशेखर आजाद
आखिरी शब दीद के
काबिल थी बिस्मिल की तड़प ।
सुबह दम कोई अगर
बाला ए बाम आया तो क्या ॥
गजल की इन पंक्तियों से स्पष्ट है कि इनके माध्यम से बिस्मिल ने
अपने साथियों के पास संदेश भिजवाया था कि इस काण्ड में फांसी की
सजा पाये वीरों को मुक्त कराने के लिए शीघ्र प्रयत्न करें। अन्यथा फांसी
हो जाने पर उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी। यह प्रयत्न 1927 के आरम्भ
में किये गए थे।