सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

Amar Shaheed Chandrashekhar Azad

सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा

DevanagariHindipublished148 पृष्ठ

पृष्ठ 72, कुल 148 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 72

चन्द्रशेखर आजाद
आखिरी शब दीद के
काबिल थी बिस्मिल की तड़प ।
सुबह दम कोई अगर
बाला ए बाम आया तो क्या ॥
गजल की इन पंक्तियों से स्पष्ट है कि इनके माध्यम से बिस्मिल ने
अपने साथियों के पास संदेश भिजवाया था कि इस काण्ड में फांसी की
सजा पाये वीरों को मुक्त कराने के लिए शीघ्र प्रयत्न करें। अन्यथा फांसी
हो जाने पर उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी। यह प्रयत्न 1927 के आरम्भ
में किये गए थे।